22 साल बाद लिफाफा कल्चर खत्म शिअद ने धामी को प्रत्याशी बनाया
एसजीपीसी चुनावः जगीर के विद्रोह ने बदली तस्वीर
22 साल बाद लिफाफा कल्चर खत्म शिअद ने धामी को प्रत्याशी बनाया
कई साल से लिफाफे से निकले नाम को ही चुना जाता था कमेटी प्रधान
जी.ए. न्यूज, कोरोटाणे, जालंधर/अमृतसर पूर्व प्रधान जगीर कौर के विद्रोह के बाद लिफाफे के जरिये प्रधान के नाम का एलान करने की 22 वर्ष पुरानी परंपरा तोड़ते हुए शिरोमणि अकाली दल ने शुक्रवार को एसजीपीसी चुनाव से 5 दिन पहले मौजूदा प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को ही दोबारा उम्मीदवार घोषित कर दिया । उधर , अपने नाम के एलान के बाद कमेटी दफ्तर में धामी ने बीबी जगीर कौर को पार्टी के साथ खड़े होने की अपील करते हुए कहा कि वह बहुत सत्कार योग्य , उन्हें चाहिए कि वह पार्टी के साथ खड़ी हों । हालांकि उन्होंने यह भी कहा , पार्टी के फैसले के बाद वह नाम वापस नहीं लेंगे । उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा पर आरोप लगाते हुए कहा , उनके जरिये भाजपा व आरएसएस से कमेटी मेंबरों को खरीदने की कोशिशें हो रही है हालांकि , आरोपों को लालपुरा ने सिरे से खारिज करते हुए कहा , यह सब कमेटी का अंदरूनी मसला है , उनका इससे कोई लेना - देना नहीं है । पंथक मामलों के माहिर जसवीर सिंह पट्टी के मुताबिक सबसे पहले तत्कालीन प्रधान परकाश सिंह बादल ने 1996 में किया था । 1998 तक ऐसा ही होता रहा । खुद बीबी जगीर कौर का नाम पहली बार 16 मार्च 1999 के दिन के चुनाव में लिफाफे से ही निकला था
तेवरः कमेटी मेंबर खरीदने की कोशिश कर रही भाजपा
धामी ने तेवर दिखाते हुए कहा , भाजपा और आरएसएस कमेटी मेंबरों को खरीदने की कोशश कर रही है । मालवा के मेंबरों ने उन्हें बताया , उनको पैसे लेकर अकाली दल को वोट न डालने के फोन आ रहे हैं लुधियाना , जालंधर बठिंडा व मानसा से भी कोशिशें हो रही हैं । उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा का नाम लेते हुए कहा , वह अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हैं लेकिन काम उनके ही खिलाफ कर रहे हैं ।
नरमीः सुखबीर बोले - जगीर कौर वापिस लें दावेदारी
उधर , एसजीपीसी के 8 मेंबर्स से वन टू वन मीटिंग के बाद फगवाड़ा में संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने कहा बीबी जगीर कौर को पार्टी ने सदैव सम्मान ही दिया । एसजीपीसी में उनके उम्मीदवार ही विजयी होंगे । पार्टी का फैसला सर्वमान्य है । मैं भी जगीर कौर से अपील करता हूं कि वह अपनी दावेदारी वापस ले लें ।
चुनाव प्रक्रिया में नहीं होगा बदलाव
कमेटी के चुनाव में पक्ष और प्रतिपक्ष सभी अपने प्रधान , वरिष्ठ उप प्रधान , कनिष्क उप प्रधान , महासचिव और 11 कार्यकारिणी मेंबरों का नाम मौके पर घोषित करते रहे हैं । इस बार भी वैसा ही होगा ।
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