अब 1975 के बाद बने चैरिटेबल ट्रस्टों के लिए फिर आईटी रजिस्ट्रेशन जरूरी , नहीं तो अवैध घोषित

 खास • ब्लैक मनी को व्हाइट करने वालों के खिलाफ आयकर विभाग सख्त 

अब 1975 के बाद बने चैरिटेबल ट्रस्टों के लिए फिर आईटी रजिस्ट्रेशन जरूरी , नहीं तो अवैध घोषित 

हर 5 साल बाद रिन्यू होगी , दानियों के पैन नंबर की भी जानकारी देनी होगी
जी.ए. न्यूज, कोरोटाणे, जालंधर/चैरिटेबल ट्रस्टों में आमदनी व खर्च के हिसाब पर नजर रखने के लिए आयकर विभाग प्लानिंग मोड में दिख रहा है । ये ट्रस्ट आयकर कानून की धारा 80 जी में इनकम टैक्स से छूट लेते हैं । अब हर चैरिटेबल ट्रस्ट को आयकर विभाग के पास पंजीकरण रिन्यू कराना होगा । 1975 के बाद बने सभी ट्रस्टों को नियम का पालन करना होगा । इसके तहत हर ट्रस्ट दोबारा पंजीकरण करवाएगा व फिर 5 साल बाद नवीनीकरण होगा । इनकम टैक्स की रिटर्न में दानकर्ताओं के पैन कार्ड की भी जानकारी देनी होगी । साथ ही जो दान रेनोवेशन या निर्माण आदि के लिए मिला है उसका इस्तेमाल करना होगा । आयकर विभाग ने 2020 में व्यवस्था पर काम आरंभ किया । जून 2021 में पंजीकरण के नवीनीकरण का प्रोसेस शुरू किया , लेकिन आज भी बड़ी संख्या में ऐसे ट्रस्ट हैं , जिन्होंने पंजीकरण रिन्यू नहीं कराया । ऐसे में नियम टन मानने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है । जिले में ऐसे तमाम ट्रस्ट हैं जो शिक्षा , समाजसेवा व धर्मार्थ कार्यों से जुड़े हैं । कोविड के दिनों प्रभाव के चलते जागरूकता समारोह भी नहीं हो पा रहे थे ।

पारदर्शिता को लेकर नए नियम 

द जालंधर इनकम टैक्स बार के पैटर्न एडवोकेट अनिल वर्मा बताते हैं - केंद्र सरकार ने ट्रस्टों को मिलने वाले दान को लेकर पारदर्शिता लाने के लिए उक्त नियम बनाया है । पहले ट्रस्ट एक ही बार रजिस्ट्रेशन करवाता था , अब हर 5 साल बाद रिन्यू होगा । ऐसे में सभी को फिर से रजिस्ट्रेशन करानी पड़ेगी । जो लोग ट्रस्ट की रसीद दिखाकर ब्लैक मनी को व्हाइट करना चाहते हैं उन पर शिकंजा कसेगा । वहीं , धारा 12 ए के तहत यदि कोई संस्था रजिस्टर्ड होती है तो आय पर कर नहीं लगता । धारा 80 जी के अनुसार संस्था को दानियों को आयकर नियमों के तहत छूट प्राप्त होती है ।

 खास बातें • फर्जी ट्रस्टों पर रोक लगेगी

 नवीनीकरण 25 नवंबर तक नहीं कराया तो कार्रवाई की जा सकती है । चैरिटेबल ट्रस्ट की संपत्ति का आंकलन कर टैक्स लगाया जा सकता है । छूट के लिए आयकर के पोर्टल पर फार्म 10 बी - डी में हर दानदाता की राशि का व्योरा देना होगा । साथ ही उसका पैन और आधार नंबर लिखना होगा

ई फाइलिंग पोर्टल ... ऐसे करें रजिस्ट्रेशन पोर्टल www.incometaxindiaefiling.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म भरें । यदि नए ट्रस्ट / एनजीओ / सोसायटी पहली बार रजिस्टर होना चाहते हैं उन्हें विभाग प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करेगा जो 3 वर्षों तक वैध रहेगा । दानियों को सर्टिफिकेट ऑफ डोनेशन भी संस्था से मिलेगा ।

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