रेत ढुलाई व खनन का होगा अलग - अलग , ग्राहक करेगा ऑनलाइन बुकिंग - पेमेंट
Breaking • 3 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट , कैश नहीं चलेगा ।
रेत ढुलाई व खनन का होगा अलग - अलग , ग्राहक करेगा ऑनलाइन बुकिंग - पेमेंट
मदन सिंह कोरोटाने, चीफ ब्यूरो, जी.ए. न्यूज , 15 मई , 2022 : जालंधर सूबा सरकार रेत की बिक्री का नया फार्मूला लाई है । पायलट प्रोजेक्ट के तहत मोगा , अमृतसर , फिरोजपुर की 5 साइट्स पर रेत की ढुलाई व खनन का ठेका अलग - अलग होगा । ग्राहक रेत खरीदने को सरकार की एप पर बुकिंग कर पेमेंट करेगा । रेत का दाम मोबाइल पर दिखेगा , ग्राहक ऑर्डर में मात्रा बताएगा । पेमेंट सरकार के खाते में जाएगी । सरकार रॉयल्टी काटकर महीने में 2 बार ठेकेदारों को भुगतान करेगी । इरीगेशन , माइनिंग व जियोलॉजी विभाग के चीफ इंजीनियर -1 देविंदर सिंह ने कहा ठेकेदार डायरेक्ट सेल नहीं करेगा ।
नए सर्वेक्षण का मकसद • 226 खदानों सहित नए स्पॉट ढूंढ़ना
• पता चल सकेगा पंजाब की नदियों में अखिरकार कितनी रेत मौजूद है ।
• कीमत का अंदाजा लग सकेगा । भविष्य में खनन नीति तय करने में मदद मिलेगी । एनजीटी के मानक लागू करने के लिए नियम बना सकेंगे ।
• लुधियाना इकलौता जिला है , जहां 50 % यानी 30 में से 16 खदानें चालू हैं ।
. प्रत्येक जिले में नदियों का सर्वे करवाया जाएगा
सरकार नई खदानें चालू करेगी । हर जिले में नदियों का सर्वे होगा । उन जगहों की लिस्ट बनेगी , जहां पर • एनजीटी के आदेश अनुसार पर्यावरण को बगैर नुकसान पहुंचाए खनन हो सकता है । अच्छे नतीजे देता है तो योजना बाकी जिलों में भी लागू करेंगे ।
आगे क्या ?
खनन साइटों की लिस्ट फाइनल करने के बाद सरकार लगेंगे । फिलहाल अभी सर्वेक्षण के लेकर वातावरण क्लियरेंस लेगी । पर्यावरण क्लियरेंस खास कमेटी से मिलती है । इसके बाद साइट की अलॉटमेंट के नियम फाइनल करने के बाद अलॉटमेंट के टेंडर सारी प्रक्रिया में 3 से 4 महीने लगेंगे । जुलाई में मानसून सीजन शुरू हो जाएगा ।
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