सीएम के आदेश पर पूर्व चेयरमैन आहलूवालिया को शोकाज नोटिस , सी . सहायक अजय और जू . सहायक अनुज राय सस्पेंड
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाला • सूर्या एनक्लेव , एक्सटेंशन के प्लाटों की बिक्री में गड़बड़ियों का मामला
सीएम के आदेश पर पूर्व चेयरमैन आहलूवालिया को शोकाज नोटिस , सी . सहायक अजय और जू . सहायक अनुज राय सस्पेंड
9 मई को सीएमओ से आए थे शोकॉज नोटिस के आदेश , आज कई मामलों की फाइनल होगी रिपोर्ट
इन प्लॉटों की फाइलों में गड़बड़ियों के आरोप
मदन सिंह कोरोटाने, चीफ ब्यूरो, जी.ए. न्यूज , 12 मई , 2022 : जालंधर सीएम ऑफिस से जारी हुए आदेश के बाद वीरवार को जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है । आदेश 9 मई को जारी हुए थे । इसके साथ की ट्रस्ट में तैनात सीनियर सहायक अजय मल्होत्रा और जूनियर सहायक अनुज राय को सस्पेंड करने के आदेश लोकल बॉडीज विभाग के चीफ सेक्रेटरी विवेक प्रताप सिंह ने जारी कर दिए हैं । अनुज राय पहले ही सस्पेंड चल रहे हैं । अब उन्हें नए केस में आरोपी बनाया गया है । शोकॉज नोटिस व सस्पेंशन की कार्रवाई विभागीय विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद हुई है । विभागीय विजिलेंस की जांच में जालंधर में सूर्या एनक्लेव के प्लॉट नंबर 356 बी -1 , 32 सी , 552 बी , 31 सी तथा सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन में प्लॉट नंबर 43 सी के केसों की पड़ताल में अनियमितताएं पाई गई हैं । दूसरी तरफ विजिलेंस के पास अभी लगभग 40 फाइलें जांच में शामिल हैं , जिनमें से कई की रिपोर्ट 12 मई को फाइनल हो सकती है । इस बीच सरकार ने ट्रस्ट के नए कार्यसाधक अफसर राजेश कुमार को जॉइनिंग के आदेश जारी किए हैं , उन्होंने फिलहाल चार्ज नहीं लिया है । इस बारे में पूर्व चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया ने कहा कि वे नोटिस का जवाब विस्तार से दाखिल करेंगे । फिलहाल उन्हें आधिकारिक तौर पर नोटिस नहीं मिला है । केवल मीडिया से इसकी जानकारी मिली है । जिन प्लॉटों की बात हो रही है , उनमें कई प्लॉट उनके कार्यकाल से पहले के हैं , जोकि आगे 3-3 जगह बिक चुके हैं । प्लॉटों को लेकर तमाम तरह के प्रोसेस के लिए लोग ट्रस्ट में आते हैं । ऐसे में ट्रस्ट की अलग - अलग ब्रांच के अफसरों के काम में कोई अनियमितता होने पर पॉलिटिकल चेयरमैन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता ।
3 दिन में जवाब न दिया तो केस विजिलेंस को अगली कार्रवाई के लिए होगा फारवर्ड
लोकलबाडीज विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी के ऑफिस ने जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया के नाम शोकॉज नोटिस ( नंबर 1876 तिथि 11.5.22 ) जारी किया है । इसमें उक्त प्लॉटों के संदर्भ में कहा है कि उक्त प्लॉटों की फाइलों को बगैर कार्यसाधक अफसर की मंजूरी के सीधे परवान किया गया है । इन फाइलों को परवान करते हुए सरकारी हिदायतों का पालन नहीं किया गया । इससे ट्रस्ट को वित्तीय नुकसान हुआ है । मुख्यमंत्री के आदेश 9 मई के जरिये आपको शोकॉज नोटिस जारी करते हुए हिदायत की जाती है कि उक्त अनियमितताओं पर अपना स्पष्टीकरण 3 दिन के अंदर इस दफ्तर में पेश करें । तय समय में जवाब प्राप्त न होने की सूरत में आपके विरुद्ध केस विजिलेंस ब्यूरो , पंजाब को अगली कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा । लोकल बॉडीज विभाग की विजिलेंस के पास 30 फाइलों की जांच अभी जारी है । इनमें से कुछ फाइलों की रिपोर्ट शुक्रवार को फाइनल हो जाएगी ।
356 बी -1 , सूर्या एनक्लेव
प्लॉट की बिक्री का केस ईओ को नहीं भेजा गया था । प्लॉट एलडीपी कोटे से संबंधित है । एप्लीकेंट ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए 11 अप्रैल , 2019 को अर्जी दी थी । ईओ ने इस बारे में लिखित पत्र भेजा था कि एलडीपी के प्लॉट की अलॉटमेंट को लेकर कुछ कमियां पाई गई हैं । प्लॉट की फाइल में इन्हें दूर करने के बारे में कोई दस्तावेज नहीं मिला । फाइल पर जो एतराज लगाए गए थे , उस बारे में एप्लीकेंट को कोई लेटर जारी नहीं किया गया । जूनियर सहायक ने उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बगैर ही इस पर लीगल शाखा से रिपोर्ट लेने के लिए लिख दिया था ।
31 सी , सूर्या एनक्लेव एलडीपी कोटे में प्लॉट अलॉट करने को लेकर सरकार से मंजूरी नहीं ली गई । प्लॉट पहले जिस शख्स को अलॉट हुआ था , वह कानूनी लड़ाई अलग से लड़ रहा था । उन्हें 23 दिसंबर , 2011 को प्लॉट मिला था लेकिन कब्जा उन्हें नहीं दिया जा रहा था । इस प्लॉट का पैसा उन्हें वापस कर दिया । इसके बाद जैसे ही प्लॉट फ्री हुआ , उसकी एलडीपी में अलॉटमेंट कर दी गई ।
32 सी , सूर्या एनक्लेव
प्लॉट एलडीपी में अलॉट करने के लिए आवेदक से जिस अष्टाम पेपर पर हलफिया बयान लिया गया , वह 17 सितंबर , 2021 को खरीदा गया है , जबकि प्लॉट नगर सुधार ट्रस्ट ने 24 अगस्त , 2021 को ही अलॉट कर दिया । दो क्लकों और केवल चेयरमैन के सिग्नेचर के बाद प्लॉट ट्रांसफर कर दिया गया । कार्यसाधक अफसर ने सिग्नेचर नहीं किए थे । फिजिकली रिपोर्ट व ब्याना रकम जमा नहीं करवाई गई थी ।
552 बी , सूर्या एनक्लेव
आरोप है कि साल 2018 में प्लॉट की अलॉटमेंट में सरकार की मंजूरी नहीं ली गई थी । इसकी फाइल का ऑडिट भी नहीं हुआ था । प्लॉट को लेकर नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने में अनियमितताएं रही हैं ।
43 सी , सूर्या एनक्लेव एक्स .
ये प्लॉट बगैर ड्रा निकाले , बगैर कार्यसाधक अधिकारी को फाइल पुटअप किए एलडीपी के कोटे से अलॉट किया गया । एप्लीकेंट की योग्यता संबंधित रिपोर्ट नहीं ली गई थी ।
फ्लैशबैक जांच जारी है ...
• ट्रस्ट के ईओ परमिंदर सिंह पर 50 हजार की शर्त को क्रॉस करके ट्रस्ट के खाते से 7 लाख रुपए निकलवाने का आरोप है । इसमें वे सस्पेंड हैं । जांच जारी है ।
• ट्रस्ट के ईओ ने जो पैसे निकाले थे , मामले की जांच तथा दूसरे नियमों को लेकर लेखाकार आशीष सस्पेंड हैं । ' उनके केस में भी विभागीय जांच चल रही है ।
• सीनियर सहायक अजय मल्होत्रा पर ट्रस्ट का रिकॉर्ड गुम करने के आरोप लगे । ईओ ने पुलिस को दी लेटर में 120 फाइलों की लिस्ट दी थी , जिनमें दर्ज था कि फाइलें चेयरमैन ऑफिस के लिए सीनियर सहायक अजय ने इश्यू करवाई थीं ।
• जूनियर सहायक अनुज अब दूसरी बार सस्पेंशन झेलेंगे । पहले केस में अभी सस्पेंड चल रहे हैं । अभी जितने भी मुलाजिम सस्पेंड हैं , उनसे सवाल जवाब शुरू होने बाकी हैं ।
• डीसी घनश्याम थोरी ने ईओ परमिंदर सिंह पर मांगा गया रिकॉर्ड न देने पर कोताही के संबंध में लेटर जारी थी , इस मामले में कार्रवाई अलग से हो सकती है ।
• डीसी ने ट्रस्ट के गुम रिकॉर्ड को लेकर जांच के आदेश दे रखे हैं । इस बारे में प्रक्रिया जारी है ।
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