जागरूकता का अभाव • परवान नहीं चढ़ रही मनरेगा जीवन बीमा योजना , क्योंकि /जिले में 1,06,110 रजिस्टर्ड मजदूर , लेकिन ब्लॉक स्तर पर एक भी ग्रामीण लाभार्थी नहीं
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जागरूकता का अभाव • परवान नहीं चढ़ रही मनरेगा जीवन बीमा योजना , क्योंकि
जिले में 1,06,110 रजिस्टर्ड मजदूर , लेकिन ब्लॉक स्तर पर एक भी ग्रामीण लाभार्थी नहीं
मदन सिंह कोरोटाने, चीफ ब्यूरो, जी.ए. न्यूज ,17 मई , 2022 जालंधर : मनरेगा मजदूरों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जीवन बीमा योजना चलाई ताकि भविष्य संवारा जा सके । मजदूरों को आधे पैसे खुद जमा करने हैं , जबकि आधी रकम सरकार द्वारा दी जानी है । मगर जालंधर में यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही । 18 से 50 साल के ग्रामीण और मनरेगा मजदूरों को बीमा 330 और 342 रुपए प्रतिवर्ष प्रीमियम देना है । इसके अलावा दुर्घटना बीमा का भी सरकार ने प्रावधान दिया है । इसके लिए मजदूर को 12 रुपए देने होते हैं , मगर जालंधर में योजना की बात करें तो फल - फूल नहीं रही है । मनरेगा और ग्रामीण मजदूर जीवन बीमा नहीं करा रहे । प्रशासन के रिकॉर्ड में अभी तक को भी मजदूर ऐसा नहीं मिला है । इसका एक कारण लोगों में जागरूकता की कमी और दूसरा वे प्रीमियम देने से बच रहे हैं । जिक्रयोग है
कि प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को योजना के बारे में जागरूक करे । मगर ब्लॉक स्तर
पर अभियान तक नहीं चलाया जा रहा है । ऐसे में मनरेगा और ग्रामीण मजदूरों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है ।
क्या है मनरेगा बीमा योजना
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ( मनरेगा ) के जरिये आजीविका सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है , जिसके अंतर्गत मनरेगा कामगारों को अनिवार्य रूप से पीएमजेजेबीवाई और पीएमएसबीवाई के अंतर्गत लाया जा सकता है । इसके लिये केवल 342 रुपए , 330 रुपए और 12 रुपए का भुगतान कामगारों को करना होगा । इससे कामगारों सहित उनके परिवार का भरण - पोषण आराम से हो सकता है । अफसोस , जानकारी के अभाव में लाभार्थी सही तरह से लाभ नहीं ले रहे ।
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