सीएस को सौंपी रिपोर्ट - पूर्व चेयरमैन , ईओ व सीनियर असिस्टेंट पर केस दर्ज करने को कहा
बढ़ेंगी मुश्किलें • चीफ विजिलेंस अफसर ने 23 मार्च को जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में की थी रेड
मल्होत्रा प्लॉटों का आवंटन और आहलूवालिया अधिकारों का करते थे दुरुपयोग , परमिंदर की भी भूमिका
मदन सिंह कोरोटाने, चीफ ब्यूरो, जी.ए. न्यूज , जालंधर , 24 अप्रैल , 2022 : जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में 23 मार्च को विजिलेंस ने रेड की थी । चीफ विजिलेंस अफसर ने 20 अहम फाइलों को जब्त किया था । इसके बाद 30 फाइलों को लेकर ट्रस्ट के .ईओ को तलब किया था । हालांकि कई फाइलें रिमाइंडर भेजने के बाद भी नहीं मिली , जोकि अहम मामलों की जांच से जुड़ी थीं । चीफ विजिलेंस अफसर ने डेढ़ महीने में जांच को पूरा कर लिया है , जिसमें कई गड़बड़ियां सामने आई हैं । जैसे प्लॉटों का आवंटन , सूर्या एनक्लेव में एलडीपी के प्लॉट , नॉन कंस्ट्रक्शन चार्ज , डिस्पैच रजिस्टर गायब समेत अनियमितताएं मिलीं । इसमें पूर्व चेयरमैन दलजीत सिंह
आहलूवालिया , ईओ परमिंदर सिंह और सीनियर असिस्टेंट अजय मल्होत्रा को आरोपी माना है । इसलिए सभी पर पर्चा दर्ज करने के लिए चीफ सेक्रेटरी से सिफारिश की गई । इस संबंध में चीफ विजिलेंस अफसर राजीव सेखड़ी ने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट चीफ सेक्रेटरी को सौंप दी गई है । जांच में सामने आया है कि पूर्व चेयरमैन दलजीत सिंह आहलूवालिया ने अधिकारों का दुरुपयोग किया । नियमों को दरकिनार कर सूर्या एनक्लेव में एलडीपी के प्लॉटों का आवंटन किया । इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ । इसमें ईओ परमिंदर गिल और सीनियर असिस्टेंट अजय मल्होत्रा की भूमिका भी अहम रही है ।
इन मामलों की पड़ताल करने के बाद अनियमितताएं मिलीं
• 2014 से 2020 तक का डिस्पैच रजिस्टर गायब मिला । इससे घिरा ट्रस्ट ।
• मास्टर तारा सिंह नगर में प्लांट नंबर 456 की कीमत साढ़े 5 करोड़ रुपए थी , जिसे कम दाम में बेच दिया गया ।
• सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन में एलडीपी कोटे के महंगे 20 प्लॉटों को कम दाम में निकाल दिया गया । यह बड़ा हेरफेर है ।
• कपूरथला चौक मार्केट की पंजाब सरकार ने अलॉटमेंट को कैंसिल किया और नगर सुधार ट्रस्ट ने रजिस्ट्री करवा दी । गोपाल नगर में प्लॉट 15 में नॉन ' कंस्ट्रक्शन चार्ज पर 50 लाख का नोटिस जारी , बिना भुगतान के एनओसी दी ।
• इसी इलाके में प्लॉट नंबर -6 में नॉन कंस्ट्रक्शन चार्ज के 87 लाख रुपए और सीएलयू के 30 लाख रुपए नहीं लिए गए ।
पार्षद को बेचा था मुलाजिम का प्लॉट
सीनियर असिस्टेंट को ट्रस्ट ने 1988 में प्लॉट आवंटित किया । इसके बाद मुलाजिम अमरजीत को प्लॉट नंबर -1424 आवंटित किया गया जिसका मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है । इसके बावजूद पूर्व चेयरमैन ने अधिकारों का गलत प्रयोग करते हुए पार्षद रोहन सहगल को प्लॉट आवंटित कर दिया । इस मामले की मुलाजिम ने मुख्यालय और विजिलेंस में शिकायत की । विजिलेंस ने दस्तावेजों की जांच के लिए फाइलें मांगी , लेकिन ट्रस्ट के अधिकारी लेकर नहीं पहुंचे । इसके चलते निदेशालय ने पूर्व चेयरमैन को नोटिस जारी किया
इनका करीबी रिश्ता
ट्रस्ट में सीनियर असिस्टेंट अजय मल्होत्रा पूर्व चेयरमैन के करीबी हैं । वह सूर्या एनक्लेव योजना समेत अन्य कार्यों को देखते हैं , जबकि सूर्या एनक्लेव एक्सटेंशन को सीनियर असिस्टेंट अमरजीत देखते हैं । लेकिन इस योजना में भी पुराने प्लांटों का आवंटन अजय खुद ही कर देते थे जो नियमों के विपरीत था । सूत्रों की माने तो वह कई मामलों . में फाइलों को सीधे चेयरमैन के पास लेकर पहुंच जाते हैं । इसकी ईओ को कोई जानकारी नहीं दी जाती थी ।
नगर निगम कभी भी पहुंच सकती है टीम :
नगर निगम में कभी भी विजिलेंस की टीम जांच के लिए पहुंच सकती है । कारण निगम की करीब 80 शिकायतें विजिलेंस में आई है । इसमें ब्रांच हाउस टैक्स , बीएंडआर , स्मार्ट सिटी समेत अन्य विभागों की शिकायतें शामिल हैं । मुख्यालय के आदेश मिलते ही विजिलेंस की टीम नगर निगम में दबिश देगी ।
Comments
Post a Comment