जीएनडीयू ने कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को पत्र जारी कर कहा- जीएनडीयू ने कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को पत्र जारी कर कहा-

 जीएनडीयू ने कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को पत्र जारी कर कहा- 

जीएनडीयू ने कॉलेजों के प्रिंसिपल्स को पत्र जारी कर कहा- 

2020-21 में जातिगत भेदभाव की कंप्लेंटस और उन पर की कार्रवाई की जानकारी दें 

यूजीसी ने भेदभाव रोकने को वेबसाइट बनाने को कहा था वाह

मदन सिंह कोरोटाने, चीफ ब्यूरो, जी.ए. न्यूज , जालंधर , 24 अप्रैल , 2022 : छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव रोकने के लिए गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रिंसिपल्स को पत्र लिखकर यूजीसी की ओर से भेजे निर्देशों का पालन करने और उसकी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है । जीएनडीयू की ओर से जारी पत्र में सभी कॉलेजों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है । यूजीसी ने शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए थे । यूजीसी की ओर से जारी निर्देशों में कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को कहा था कि कोई भी कर्मचारी और शिक्षक किसी समुदाय या किसी श्रेणी के छात्र के साथ किसी प्रकार
का भेदभाव न करे । आयोग ने विश्वविद्यालयों से 2020-21 के दौरान जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों और उनके संबंध में की कार्रवाई की जानकारी मांगी है । यूजीसी ने सख्त निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों और शिक्षकों को सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के साथ

कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए सभी कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई कर्मचारी और शिक्षक किसी समुदाय या किसी श्रेणी के छात्र के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करे । उन्होंने संस्थानों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों की शिकायतें दर्ज कराने के लिए वेबसाइट तैयार करने के लिए कहा था । इसके साथ ही प्रिंसिपल ऑफिस में शिकायत पुस्तक रखने के लिए कहा था । अगर अधिकारियों के ध्यान में कोई मामला आता है , तो ऐसे कर्मचारियों या शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए । आयोग ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति
अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों , शिक्षकों या गैर - शिक्षण कर्मियों से भेदभाव के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर विचार करने के लिए एक समिति बना सकते हैं । पत्र में कर्मचारियों और शिक्षकों से जाति आधारित भेदभाव के मामलों से निपटने में अधिक संवेदनशीलता का परिचय देने के लिए कहा है । उन्होंने 2020-21 के लिए तय प्रारूप में विश्वविद्यालय गतिविधि निगरानी पोर्टल पर सूचना भेजने को भी कहा था । अब जीएनडीयू ने सभी कॉलेजों से जानकारी को भेजने के लिए कहा है , ताकि कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए कदम उठाएं जा सके ।

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