बिजली संकट गहराया • 770 मेगावाट की अतिरिक्त कमी बॉयलर में लीकेज से रोपड़ और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का 1-1 यूनिट बंद
बिजली संकट गहराया • 770 मेगावाट की अतिरिक्त कमी बॉयलर में लीकेज से रोपड़ और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का 1-1 यूनिट बंद
5-6 घंटे के कट लगाकर पावरकॉम पूरी कर बिजली की कमी राज पारचा पटियाला कोयले की कमी के कारण धर्मल प्लांटों में पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन नहीं कर पा रहे पावरकॉम की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं बॉयलर में लीकेज के कारण रोपड़ और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का 1-1 यूनिट बंद करना पड़ा है । ऐसे में 770 मेगावाट की अतिरिक्त कमी • पूरी करने को लंबे कट लगाने पड़े । पावरकॉम के सूत्रों के अनुसार दोनों यूनिट की रिपेयर करने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है । मंगलवार को पूरे राज्य में औसतन 5-6 घंटे तक बिजली कट लगे । अब यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा । सूबे में अभी भी 4029 मेगावाट बिजली कम है । 8025 मेगावाट बिजली मिलनी चाहिए । अघोषित कटौतों के कारण पावरकॉम के टोल फ्री नंबर पर शिकायतें बढ़ गई हैं मंगलवार शाम 5 बजे तक 18 हजार से अधिक लोगों ने शिकायतें दर्ज करवाई । संकट इसलिए ज्यादा है । क्योंकि सबसे ज्यादा 1980 मेगावाट बिजली पैदा करने वाले तलवंडी साबो का 660 मेगावाट क्षमता का प्लांट पहले से बंद है । मंगलवार को एक यूनिट बंद होने 1320 मेगावाट की और कमी हो गई है । सरकारी थर्मल प्लांट रोपड़ में 210 मेगावाट पैदा करने वाली यूनिट पहले से बंद है । अब दूसरी यूनिट के बंद होने से स्थिति गड़बड़ा गई है ।
Breaking कोल संकट के बीच राहत की खबर पूरी क्षमता से चलेंगे प्लांट , जून में अपनी खदान से मिलेगा कोयला प्रवीण पर्व जालंधर बिजली संकट झेल रहे पंजाब को जून में बड़ी राहत मिलेगी । कई साल से झारखंड के पाकुर जिले के सेंट्रल कोल ब्लॉक में बंद पड़ी खदान से सप्लाई शुरू होने पर लहरा मोहब्बत व रोपड़ के सरकारी थर्मल प्लॉट फुल मोड पर चल पाएंगे । पढ़वाड़ा कोल माइन में 50 साल की जरूरत पूरी करने लायक कोयला है । यहां 562 मिलियन टन कोयला है । पहली स्टेज पर 70 लाख एमटी का खनन होगा । इससे 644 मेगावाट अतिरिक्त बिजली पैदा होगी कृषि , उद्योग व घरेलू क्षेत्र को राहत
मिलेगी ।
महंगे कोयले की खरीद कर पावरकॉम 600 करोड़ रुपए का खर्च बचाएगा । प्राइवेट पा से 4000 मेगावाट की कैपेसिटी की तुलना में 2117 मेगाबाट ही बिजली मिल रही थी । फिलहाल इस कोल माइन से केवल सरकारी पावर ' लोटों को कोयला देने की मंजूरी मिली है लेकिन अगर सरकार ने इससे प्राइवेट पावर प्लांटों को भी कोयला सप्लाई की स्वीकृति दे दी तो इससे बिजली संकट तो 100 फीसदी हल होगा ही प्राइवेट क्षेत्र में कोयला बेचने से करीब 1 हजार करोड़ रुपए का और लासा होने की उम्मीद है ।
ऐसे समझे कोयला संकट कम कोयले के कारण अभी पूरी क्षमता से थर्मल प्लांट नहीं चलाए जा रहे जून से यह दिक्कत दूर होगी । पछवाड़ा खदान से 70 लाख टन का खनन होने पर पावरकॉम को 600 करोड़ की बचत होगी । इससे पावरका कर्ज का 349 करोड़ रुपए का ब्याज चुका पाएगा । पावरकॉम के प्रबंध निदेशक बलदेव सिंह सरा ने कहा कि दिलीप बिल्डकान खदान ऑपरेटर तथ किया है । समा बकायेदारियों को लेकर मसले हल किए जा रहे हैं ।
कहां पर कोयले का कितना स्टॉक पहुंचा
सोमवार देर रात ट्रेनों के जरिए शहरा महोबथर्मल प्लाको छोड़ अप्लाइस में कोयले की फ्रेश सप्लाई पहुंची है । पड़ में 7874 मीटिक म साबो 25145 , राजपुरा 11945 और जीवीके में 8195 मीट्रिक टन कोयला पहुंचा ।
2 हजार मेगावाट सोलर पावर खरीदी जाएगी
पावरकॉम के सीएमडी इंजी . बजेदन सिंह सरां ने कहा , बिजली संकट से निपटने को पूरी टीम दिन - रात जुटी है । 1000 मेगावाट सोलर पावर हम खुद जेनरेट करेंगे और 1000 मेगावाट बाहरी राज्यों से खरीदेंगे । इसे लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है ।
रोपड़ , तलवंडी साबो प्लांट के बॉयलर ठीक करने में लगेंगे 2-3 दिन
कहां - कितनी प्रोडक्शन
कैपेसिटरी उत्पादन प्लांट
रोपड 840 383
लहरा 920 715
तलवंडी 1980 567
राजपुरा 1400 1338
जीवीके 540 204
स्रोत क्षमता प्रोडक्शन
हाइड्रा 1116 542
बायोमास 303 140
सोलर 140 881
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